आज तू गिरा है कल उठेगा मत रुक उठा एक नया कदम. आज तू गिरा है कल उठेगा मत रुक उठा एक नया कदम.
ये एहतियात कैसी के ताल्लुक खत्म हो जाए मैं राह देखूं वो सामने से गैर बन के निकल जाए। ये एहतियात कैसी के ताल्लुक खत्म हो जाए मैं राह देखूं वो सामने से गैर बन के नि...
आज फरिश्ते भी हमारी किस्मत पर नाराज़ हैं,भाग्य बदलने की ताकत जो टूट गयी उनकी। आज फरिश्ते भी हमारी किस्मत पर नाराज़ हैं,भाग्य बदलने की ताकत जो टूट गयी उनकी।
आशा के बादल...। आशा के बादल...।
कमल तेरी फिज़ूल कलम से...। कमल तेरी फिज़ूल कलम से...।
खिड़की...। खिड़की...।